CJP प्रदर्शन से पहले हिंसा की आशंका, सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे फेल किया बड़ा प्लान; दिल्ली में कड़े इंतजामों से टला बवाल

नई दिल्ली: CJP और विपक्षी गठबंधन के दिल्ली मार्च को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने पहले से तैयार रणनीति के तहत कार्रवाई की। रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया इनपुट के आधार पर सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में संभावित भीड़ जुटने और अव्यवस्था फैलने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग समूहों में रोककर हिरासत में लिया, जिससे बड़े जमावड़े की स्थिति नहीं बन सकी।

खुफिया इनपुट में जताई गई थी बड़े जमावड़े की आशंका

सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही जानकारी मिली थी कि CJP के आयोजक और विपक्षी दल छात्रों और युवाओं को आगे कर सेंट्रल दिल्ली के कई हिस्सों में प्रदर्शन का विस्तार करने की तैयारी कर रहे थे। एजेंसियों के अनुसार, योजना यह थी कि अलग-अलग जगहों पर छोटे समूहों में लोग इकट्ठा होकर प्रदर्शन को बड़ा रूप दे सकते हैं।

इसके बाद पुलिस ने लुटियंस दिल्ली और जंतर-मंतर क्षेत्र में सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया।

20 जुलाई की घटना के बाद एजेंसियों ने बदली रणनीति

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर हुई हिंसक झड़पों के बाद इस बार पहले से अधिक सतर्कता बरती गई। एजेंसियों का दावा है कि उस समय सीमित अनुमति के बावजूद प्रदर्शन कई दिनों तक जारी रहा था।

अधिकारियों के मुताबिक, पिछली घटना से सबक लेते हुए इस बार प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर पहले से निगरानी बढ़ाई गई और भीड़ को एकजुट होने से रोकने की रणनीति अपनाई गई।

37 से ज्यादा जगहों पर बैरिकेडिंग, पैरामिलिट्री बल तैनात

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत जंतर-मंतर से काफी दूरी पर ही कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी थी। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में पैरामिलिट्री बलों की तैनाती की गई थी।

सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों के छोटे समूहों को एक साथ आने से रोकना था, ताकि बड़ी भीड़ जमा न हो सके।

डिजिटल निगरानी से रखी गई प्रदर्शनकारियों पर नजर

पुलिस की रणनीति में डिजिटल निगरानी और रियल टाइम जानकारी जुटाने की व्यवस्था भी शामिल रही। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इससे प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों, भीड़ की स्थिति और उनके रास्तों की जानकारी समय पर मिलती रही।

इसके आधार पर पुलिस ने जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा कदम उठाए।

आयोजकों और नेताओं को अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिया गया

रिपोर्ट के अनुसार, CJP के प्रमुख आयोजकों और विपक्षी नेताओं को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लेकर विभिन्न थानों में भेजा गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी एकजुट नहीं हो सके और सेंट्रल दिल्ली में किसी बड़े घटनाक्रम की स्थिति नहीं बनी।

लोकतंत्र में विरोध का अधिकार, लेकिन अराजकता की जगह नहीं: सरकार

केंद्र सरकार ने प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन अराजकता के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की बात कही।

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